मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
United States, Israel और Iran के बीच जारी संघर्ष अब युद्ध के 14वें दिन में पहुंच गया है। लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है।


रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राजधानी Tehran पर रात भर भारी बमबारी की गई। कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और शहर के ऊपर धुएं के बड़े गुबार देखे गए। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

इसके जवाब में ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को बंद करने की घोषणा कर दी है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कई ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, जिससे क्षेत्र में सैन्य सतर्कता बढ़ा दी गई है।
युद्ध का असर आम नागरिकों पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि Lebanon में लगभग 7 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
राजनीतिक मोर्चे पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान में “शासन परिवर्तन” का संकेत दिया है, जबकि ईरान के नेतृत्व ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखने की चेतावनी दी है।
फिलहाल मध्य पूर्व की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और पूरी दुनिया की नजर इस युद्ध पर टिकी हुई है।
