आणंद, मंगलवार: चारूसेत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 2794 छात्रों को डिग्री, 42 विद्यार्थियों को 45 स्वर्ण पदक तथा 38 विद्यार्थियों को डॉक्टरेट डिग्री सहित सुवर्ण चंद्रक प्रदान किए। इस अवसर पर शाह ने युवाओं से स्पष्ट उद्देश्य-लक्ष्य निर्धारित कर दृढ़ मनोबल के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।


अमित शाह ने कहा कि उद्देश्य रहित जीवन कभी सच्ची सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। युवा चाहे निजी क्षेत्र में कार्य करें, उत्पादन से जुड़ें, शोध करें या शिक्षा क्षेत्र में सेवा दें, जो भी मार्ग चुनें, उसमें राष्ट्र विकास के लिए योगदान का संकल्प लें। उन्होंने 2027 तक भारत को विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनाने का आत्मविश्वास जताया। 2014 में 11वें स्थान पर रहा भारत आज चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। डिजिटल ट्रांजेक्शन, मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल उत्पादन, ऑटोमोबाइल, दूध उत्पादन, स्पेस, ग्रीन एनर्जी, डिफेंस एवं सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति हुई है, जिससे युवाओं के लिए अपार संभावनाएं पैदा हुई हैं।

“विकसित भारत @2047” संकल्प को 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प बताते हुए श्री शाह ने कहा कि 15 अगस्त 2047 को भारत को विश्व के सर्वोच्च स्थान पर ले जाने में आज के युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को सात सूत्र दिए- बड़ा स्वप्न देखें, असफलता के भय को दूर कर पुरुषार्थ करें, शॉर्टकट न अपनाएं, ज्ञान का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करें, जीवनभर सीखते रहें, तकनीक का समाज-राष्ट्र हित में उपयोग करें तथा उद्यमशीलता अपनाएं।
शाह ने उच्च शिक्षा में क्रांति का उल्लेख किया- 2014 से पहले 51 हजार संस्थाएं थीं, जो अब 78 हजार हो गईं। मेडिकल कॉलेज 387 से बढ़कर 818 हो गए। चरोतर की धरती को सरदार पटेल, विठ्ठलभाई पटेल,भाई काका एवं एच.एम. पटेल जैसे महानुभावों के योगदान के लिए नमन किया। अमूल के सहकार मॉडल को विश्व के लिए प्रेरणा बताया,जो 20 लाख बहनों के सहयोग से 1 लाख करोड़ का व्यवसाय चला रहा है।
समारोह में सांसद मितेशभाई पटेल,मंत्री रमणभाई सोलंकी,प्रभारी मंत्री संजयसिंह माहिडा,राज्य मंत्री कमलेशभाई पटेल, विधायक योगेशभाई पटेल,चिरागभाई पटेल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। चारूसेत के प्रमुख सुरेंद्रभाई पटेल ने समारोह का उद्घाटन किया
