आणंद: आणंद साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न राज्यों के साइबर फ्रॉड मामलों में प्राप्त रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराकर ठगी को अंजाम दे रहे थे।
जानकारी के अनुसार, आणंद के मोगरी गांव में रहने वाले एक युवक की मुलाकात कुछ महीने पहले अपने भाई के माध्यम से दक्षेश नथुभाई पटेल (निवासी–उमता, विसनगर, जिला मेहसाणा) और शिवानी डाबगर (निवासी–कतारगाम, सूरत) से हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों से उसकी दोस्ती हो गई थी। कुछ समय बाद उन्होंने युवक से कहा कि उन्हें अपने बिज़नेस के लिए किसी के बैंक अकाउंट की ज़रूरत है, ताकि आयकर (इनकम टैक्स) संबंधी परेशानी से बचने के लिए उनके पैसे उस खाते में ट्रांसफर कराए जा सकें। विश्वास में आकर युवक ने अपना बैंक अकाउंट नंबर दे दिया।
इसके बाद 3 नवंबर 2025 को दक्षेश पटेल और शिवानी डाबगर ने युवक के खाते में ₹5 लाख जमा कराए, जिनमें से ₹4.8 लाख रुपये उन्होंने चेक के माध्यम से तुरंत निकाल लिए। अगले दिन ₹15.5 लाख जमा कराकर ₹12 लाख निकाले और 6 नवंबर को फिर ₹5 लाख जमा कराकर तुरंत निकाल लिए। इन संदिग्ध लेनदेन के चलते बैंक ने संबंधित खाता फ्रीज़ कर दिया।
बाद में दक्षेश और शिवानी ने खाता अनफ्रीज़ कराने का आश्वासन दिया। हाल ही में वे आणंद पहुंचे और युवक से आईडीएफसी बैंक का खाता नंबर लेकर उसमें ₹4 लाख जमा कराए। उसके बाद ₹3.5 लाख रुपये उन्होंने फिर चेक से निकाल लिए।
शक होने पर युवक ने बैंक से जानकारी मांगी, तब पता चला कि जिन खातों से पैसे ट्रांसफर हुए थे, वे खाते आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के साइबर पुलिस स्टेशनों में साइबर फ्रॉड मामलों में दर्ज हैं।
युवक ने तुरंत आणंद साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दक्षेश नथुभाई पटेल और शिवानी राकेशभाई डबगर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ₹3.5 लाख नकद, विभिन्न बैंकों के 10 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 13 पासबुक/चेकबुक, 6 मोबाइल फोन और एक कार सहित लगभग ₹11.8 लाख का मुद्दामाल बरामद किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ और जांच शुरू कर दी है।
