खुले में रात गुजारने वालों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए विशेष ‘नाइट ड्राइव’ शुरू
आणंद(गुजरात)सोमवार :
राज्य में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच समाज के सबसे कमजोर और बेघर लोगों को सुरक्षा देने के उद्देश्य से करमसद–आणंद महानगरपालिका द्वारा सराहनीय पहल की गई है। शहर की सड़कों पर खुले में रात बिताने वाले लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने विशेष ‘नाइट ड्राइव’ अभियान शुरू किया है।

पिछले कई दिनों से महानगरपालिका की टीमें देर रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों—बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन रोड, सार्वजनिक उद्यानों और फ्लाईओवर के नीचे—निरंतर निरीक्षण कर रही हैं। जिन लोगों के पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं है और जो सड़क किनारे सोते पाए जाते हैं, उन्हें समझाकर पालिका के वाहनों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।


रेस्क्यू किए गए सभी निराश्रितों को महानगरपालिका द्वारा संचालित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रयस्थल (रेन बसेरा)’ में स्थानांतरित किया गया है। ठंड से बचाव के लिए यहां पर्याप्त गद्दे, तकिए और गर्म कंबलों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वच्छ हॉल, पीने का शुद्ध पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जरूरत पड़ने पर बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की प्राथमिक चिकित्सकीय जांच भी की जा रही है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 50 से अधिक बेघर लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित आश्रय दिया जा चुका है।
महानगरपालिका के इस मानवीय प्रयास से कई लोगों को कड़ाके की ठंड में राहत मिली है। करमसद–आणंद महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें आणंद या करमसद क्षेत्र में कोई व्यक्ति ठंड में फुटपाथ पर सोता हुआ दिखाई दे, तो मानवता के नाते महानगरपालिका के कंट्रोल रूम से संपर्क करें या उन्हें नजदीकी आश्रयस्थल की जानकारी दें।
