आणंद: वल्लभ विद्यांगर स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय में 9 दिसम्बर को भारत सरकार के युवा एवं सांस्कृतिक मंत्रालय के मार्गदर्शन में “विकसित भारत – युवा कनेक्ट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) निरंजनभाई पटेल, गुजरात के युथ आइकॉन धनराजसिंह जाडेजा, कार्यक्रम की संयोजक डॉ. निपा भरूचा और डॉ. ऋता परमार सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों और लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कुलपति डॉ. निरंजनभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों को विकसित भारत निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हम केवल परतंत्र भारत का इतिहास जानने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वतंत्र भारत की गाथा, परंपराओं और मूल्यों को भी जानें, समझें और अपने जीवन में उतारें।
युथ आइकॉन धनराजसिंह जाडेजा ने अपने उद्बोधन में युवाओं से “पंच प्राण” और “ग्यारह संकल्प” का पालन करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए जरूरी है कि हम गुलामी की मानसिकता से मुक्त हों, अपनी विरासत पर गर्व करें, विविधता में एकता की भावना को सशक्त करें और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक उत्थान और अंत्योदय जैसे विषयों पर प्रेरक उदाहरणों के साथ विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की सफलता हेतु विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. भाइलालभाई पटेल ने उत्कृष्ट प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
